कलयुग है कलयुग
जमाना कितना खराब आ गया
कलयुग है सच मे कलयुग,
पहले तो😊 दो तीन दिन थोड़ा चलता था छोटा-मोटा काम भी हो जाता और कई दिनों तक सामने वाला बात भी कर सकता, लेकिन अब 2 दिन हुए नही धमकियां देना शुरु पहले पहल तो 4,6 दिन प्रेम से याद दिलाना शुरू हो जाता है
उसके बाद जैसे ही खत्म हुआ तो 2 दिन तो आपको सुझाव देता रहेगा ये वाला प्लान वो वाला प्लान असुविधा से बचने के लिए और जब सीधे-सीधे हम बात नहीं मानते तो फिर इनकमिंग बंद की चेतावनी और तो और ओटीपी भी नही बताएगा
अरे🙄
अपने व्यवहार से 😊घर मे कोई आपको हॉट स्पॉट नाम की सुविधा दे भी देगा, पर वो भी सीमित समय के लिए ।
अरे भाई ये डेटा है ये सबको चाहिए होता है और सब बचा-बचा कर रखते है ताकि दिन खत्म होने तक अपना साथ दे ।
अब क्या करे इस मायाजाल में.फस तो चुके अब तो ये न उगलते बने न छोड़ते 😥
अब तो कुछ भी हो 28,58,84 दिनों का कितने का भी हो
इसके बगैर काम चल नहीं सकता
अब 2026 में प्लान मंहगे भी हो जाए तो कुछ नही कर सकते
ये डेटा संसार मायाजाल है अब क्या कर सकते है
महीने में कोई प्लान बने न बने किसी भी प्लान पर अमल हो न हो लेकिन इसका प्लान तो फिक्स है
बिना डेटा के मोबाइल ऐसे जैसे बिन पैसे के पर्स हो
यूँ तो सुबह उठकर एक बार उसको संभालेंगे नाश्ता पानी भी करवाएंगे लेकिन डेटा नही तो उसकी पूछ परख भी नहीं
बेचारा पड़ा रहता
किसी से Wi fi भी लेना हो तो उसको थोड़ा कहना पड़ता है कि भाई देदे थोड़ा मोबाइल देख लूँ
और जैसे ही डेटा ऑन अरे बाप रे जैसे दरवाजे पर कोई आया जो और उसका स्वागत फूल पत्तियों से किया जा रहा ऐसे मेसेज की बारिश होती ।
थोड़ी देर खुशनुमा पल मोबाइल के फिर बस वही
"बिन डेटा मोबाइल सून"
अब तो प्राण निकल रहे डेटा के बिना
ओह्ह ये क्या चेतावनी दे रहा कि आपने अगर डेटा प्लान नहीं लिया तो ओटीपी और इनकमिंग कॉल्स नही आएंगे.....
ये तो गजब कर रहा ।
अब तो अच्छा सा मुहर्त देखकर प्लान लेना ही पड़ेगा।
अब इस व्यथा को पोस्ट करने के लिए भी वाईफाई लिया है तो फटाफट कर देती हूँ ।
कहीं वाईफाई भी छीन न जाए ।
संगीता दरक माहेश्वरी