अरावली
यह धरती और अम्बर
पर्वत पहाड़ नदियाँ समंदर
जाने कब कितने दिनों से
बिना कुछ लिए, भेदभाव किए
जीवन देते हमको भरपूर
हम क्या नापें
सागर की गहराई
पर्वत पहाड़ो की ऊँचाई
कौन पर्वतों के शीश को झुका पाया
कौन सागर की लहरों को रोक पाया
कितनी ही नदियों को जन्म देती
आश्रय में कितने ही
वन्य जीवों को संरक्षण देती
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