Showing posts with label दिल की बात. Show all posts
Showing posts with label दिल की बात. Show all posts

नये साल में फिर.......

नये साल में फिर
नये साल में फिर ,मुलाकात होगी।
फिर दिल से दिल की बात होगी।
कुछ यादे, कुछ फ़साने,
कुछ हमारे कुछ तुम्हारे।

नयी आशाओं के दीप जलेंगे,
उम्मीदों के फूल खिलेंगे।
फिर नई कोई बात होगी,
नये साल में फिर मुलाकात होगी ।

फिर साँझ ढलेगी सुप्रभात होगी,
आँगन में फूलों की महक होगी,
नये साल में फिर मुलाकात होगी।
      
           संगीता दरक माहेश्वरी
               सर्वाधिकार सुरक्षित


             

यूँ हर बात का हिसाब ,yu her bat ka hisab

यूँ हर बात का...

क्यों कभी कोई अचानक दुनिया को छोड़ने का फैसला कर लेता है ,क्यों लाखो दिलो पर राज करने वाले अपने दिल के राज किसी को बता नही पाते
आज की मेरी ये रचना भी इसी बात को लेकर है....


यूँ हर बात का हिसाब ना लगाया कर
जिंदगी है जी लिया कर

माना कि सफर लंबा है
थोड़ा ठहर भी जाया कर

ख्वाब जो हुए पूरे
खुशियाँ उनकी भी मना लिया कर

अधूरे ख्वाब को ख्वाब समझ
भूल जाया कर

जिंदगी है जी लिया कर

बेशक चेहरे पर चेहरा चढ़ा लिया कर,
पर किसी एक से तो दिल की बात किया कर

माना कि लाखों गम है जिंदगी में
खुशियाँ भी तो हजार हैं
कभी उनको भी समेट लिया कर

जिंदगी है जी लिया कर
जिंदगी है जी लिया कर

         संगीता दरक
        सर्वाधिकार सुरक्षित

#अरावली #पर्वत #aravali #mountain #nature

 अरावली यह धरती और अम्बर पर्वत पहाड़ नदियाँ समंदर जाने कब कितने दिनों से  बिना कुछ लिए, भेदभाव किए जीवन देते हमको भरपूर हम क्या नापें        ...