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सच और झूठ

अधूरे सच और झूठ का साथ,
पछतावे के सिवा, लगे न  कुछ हाथ।

सीता पर लान्छन् लगा, जब था राम राज
सच को आज भी मार पड़े, और झूठ करे राज।

जिसको समझे अपना, वो भी साथ न दे
डूबते हो मझधार में ,तो हाथ न दे।

झूठ की जमीं पर ,यूँ सच की इमारत न बनाओ
यही कहीं बैठा हैं ईश्वर ,यूँ नजरे ना छिपाओ।।

                          संगीता दरक ©

#कोई राम बनकर तो आये # Ram #God

"रावण जलने को तैयार नही"
रावण बनने को, और जलने को
अब की बार तैयार नही।
कहता है मेरे समक्ष ,मुझे
जला सके वो राम नही ।
हर बार तो मैं जलता हूँ अपने पाप सहित मिटता हूँ,
किया था मैंने तो सीता का हरण
उस पाप की वजह से बरसों से मैं जल रहा हूँ
लेकिन जो पापी ,मासूमो के साथ करते है खिलवाड़ और  
लेते है जो कानून और लंबी तारीखों की आड़
मुझसे बढ़कर पापी हे वो  इस धरा पर
क्या उनका संहार नही हो सकता
मुहँ में राम बगल में भी हो राम क्या ये नही हो सकता।
जिसने अपनी सारी बुराइयों को हो जलाया
वो आकर मुझें बनाये और अंत में मुझे  जलाये।
                     संगीता दरक
                 सर्वाधिकार सुरक्षित

#अरावली #पर्वत #aravali #mountain #nature

 अरावली यह धरती और अम्बर पर्वत पहाड़ नदियाँ समंदर जाने कब कितने दिनों से  बिना कुछ लिए, भेदभाव किए जीवन देते हमको भरपूर हम क्या नापें        ...