उम्मीद,expectation

मैं और उम्मीद
उम्र के साथ बढ़ते
कभी बंनती बिगड़ती
तो कभी नई पनपती
आस कभी न छूटती
          संगीता दरक©


No comments:

Post a Comment

#अरावली #पर्वत #aravali #mountain #nature

 अरावली यह धरती और अम्बर पर्वत पहाड़ नदियाँ समंदर जाने कब कितने दिनों से  बिना कुछ लिए, भेदभाव किए जीवन देते हमको भरपूर हम क्या नापें        ...