धर्म होता क्या ?
धर्म का अर्थ
होता सत्कर्म
अस्तित्व के लिए करता
नही कभी अधर्म
होता नही धर्म
छोटा या बड़ा
धर्म तो सत्य की
राह पर खड़ा
धर्म विध्वंस नहीं करता
सदा निर्माण में
विश्वास रखता
भटके को राह
दिखाए धर्म
सिखाता करने
सच्चे कर्म
जीवन के सारे रंग , हौसला और हिम्मत अपनी पुरानी संस्कृति मेरी कविता में देखिये लेख, और शायरी भी पढ़िये ,मेरे शब्द आपके दिल को छू जाये ,और मेरी कलम हमेशा ईमानदारी से चलती रहे आप सब पढ़ते रहिये , और अपनी प्रतिक्रियाओं से अवगत जरूर कराये आपकी प्रतिक्रियाओ से मुझे प्रोत्साहन और मेरी कलम को ऊर्जा मिलेगी 🙏🙏
अरावली यह धरती और अम्बर पर्वत पहाड़ नदियाँ समंदर जाने कब कितने दिनों से बिना कुछ लिए, भेदभाव किए जीवन देते हमको भरपूर हम क्या नापें ...
No comments:
Post a Comment