बन बैठा हर कोई :हिन्दीकविता:#kavi#kaivita #shorts

 शॉल श्री फल और सम्मान

मिलना हुआ कितना आसान

बन बैठा हर कोई कवि  यहाँ

कविताओं की जैसे लगाई दुकान

        संगीता दरक माहेश्वरी

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#अरावली #पर्वत #aravali #mountain #nature

 अरावली यह धरती और अम्बर पर्वत पहाड़ नदियाँ समंदर जाने कब कितने दिनों से  बिना कुछ लिए, भेदभाव किए जीवन देते हमको भरपूर हम क्या नापें        ...