लम्हा लम्हा

लम्हा लम्हा
ऐ जिंदगी तेरे दाँव पेच से हार गया
मैं, अपने कर्मो को करते रहा बस
पाप पुण्य न देखा मैंने ,बस कर्म ही करता रहा
              संगीता माहेश्वरी दरक
                 सर्वाधिकार सुरक्षित

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#अरावली #पर्वत #aravali #mountain #nature

 अरावली यह धरती और अम्बर पर्वत पहाड़ नदियाँ समंदर जाने कब कितने दिनों से  बिना कुछ लिए, भेदभाव किए जीवन देते हमको भरपूर हम क्या नापें        ...